Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps September 02, 2022 मुक्तक पुण्य कर्मो का स्यंदन रुका न रहे। कोई पीड़ा दबी, दिल दुखा न रहे । सर पे हो ताज मेरे तमन्ना नहीं, सांस जब भी रुके, सर झुका न रहे । कुलदीप 'कलश' Read more